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Showing posts from December, 2012

Two Liners Spiced Up

चाह  गई  चिंता मिटी, मनुआ बेपरवाह। जिनको कछु न चाहिए, वे साहन के साह।।  One with  Least Desires is the Actual King . चलती  चक्की  देख  के  दीया  कबीरा  रोये । दो  पाटन  के  बीच  में   साबित  बचा  न  कोये ।। No One left One Piece in these Worldly Pursuits तिनका कबहुँ ना निंदये, जो पाँव तले होय । कबहुँ उड़ आँखो पड़े, पीर घानेरी होय ॥ रहिमन देख बड़ेन को, लघु न दीजिये डारि। जहाँ काम आवै सुई, कहा करै तलवारि॥  Never Under Estimate Any Thing. धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय । माली सींचे सौ घड़ा, ॠतु आए फल होय ॥  Don't  Ever  Be  Impatient. बडा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर। पंथी को छाया नही फल लागे अति दूर ॥ रहिमन वे नर मर गये, जे कछु माँगन जाहि। उनते पहिले वे मुये, जिन मुख निकसत नाहि॥  Better Ask  Rich  People , Me Not. कामी, क्रोधी, लालची, इनसे भक्ति न होय । भक्ति करे कोइ सूरमा, जाति वरन कुल खोय ॥  In Modern ...