------------- दुश्मन का डर क्या ----------------
तुम्हारी कृपा है तो दुश्मन का डर क्या तुम्हारे गुलामो को खोफो खतर क्या कृपा की नज़र से जो तुम देखते हो करेगी किसी की भला बद-नज़र क्या बनाते हो बिगड़ी हुई बात जब तुम बिगाड़े का ना - चीज़ कम तर बशर क्या गरीबो के अश्रु -बिंदु पर जो तुम न रूठो तो कर ले लेगा सारा जहाँ रूठ कर क्या !